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Thursday, March 8, 2012

विशेष आर्थिक जोन

वर्ष 2005 में भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण उपलब्ध कराने तथा निर्यात के लिए बाधा मुक्त वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से विशेष आर्थिक जोन (एसईजैड) अधिनियम लागू किया। एसईजैड को 'विशिष्ट रूप से निर्धारित शुल्क मुक्त वातावरण और व्यापार संबंधी कार्यों व शुल्कों और टैरिफ के उद्देश्य से विदेशी सीमा (सीमा शुल्क क्षेत्र से परे)' माना गया है। एसईजैड अधिनियम 2005 और इससे संबंधित एसईजैड नियमावली 10 फरवरी 2006 को प्रभावी हुए। इससे क्रियाकलापों को बहुत अधिक सरल बनाया गया तथा केंद्र व राज्य सरकारों से संबंधित मामलों में एकल खिड़की क्लीयरेंस नीति के रूप में निर्धारित किया गया। यह योजना बड़े उद्योगों के लिए बहुत आदर्श है तथा इसका भावी निर्यात एवं रोजगार पर बहुत अनुकूल प्रभाव पड़ेग।
एसईजैड योजना में एसईजैड इकाइयों को प्रत्यक्ष करों के संदर्भ में वही लाभ दिए गए हैं जो एसटीपीआई के अंतर्गत दिए गए हैं, केवल परिचालन संबंधी विवरण में थोड़े बहुत अंतर हैं। परन्तु आय कर के संबंध में अंतर उल्लेखनीय है। एसईजैड योजना के अंतर्गत आय कर में छूट को उत्पाद का निर्यात आरंभ होने की तिथि से 15 वर्ष की अवधि के दौरान धीरे-धीरे कम किया जाता है। उत्पाद का विनिर्माण आरंभ होने के 5 वर्षों तक निर्यात लाभों को आय कर में 100 प्रतिशत छूट प्राप्त है, अगले 5 वर्षां तक यह छूट 50 प्रतिशत है जबकि और अगले 5 वर्षों तक यह 50 प्रतिशत है, बशर्ते कि लाभों को विशेष आरक्षित राशि में हस्तांतरित किया जाए।
एसईजैड नीति का उद्देश्य प्रतिस्पर्धा का सृजन, विश्व स्तर की अवसंरचना उपलब्ध कराते हुए सुविधाजनक एवं समेकित क्षेत्रों की स्थापना करना और वैश्विक स्तर के व्यापार के लिए उपयुक्तत सेवाएं प्रदान करना है। एसईजैड अधिनियम 2005 निर्यात प्रवर्धन एवं संबंधित बुनियादी ढांचे के सृजन में राज्य सरकारों को प्रमुख सुविधाएं उलपब्ध कराता है। एसईजैड योजना की कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं -
बाधा रहित विनिर्माण एवं निर्यात के उद्देश्य से किए जाने वाले व्यापार के लिए विशेष आर्थिक जोन (एसईजैड) गठित किए गए हैं।
घरेलू टैरिफ क्षेत्र (डीटीए) से एसईजैड को होने वाली बिक्री को भौतिक निर्यात माना जाता है। इससे घरेलू आपूर्तिकर्ताओं को ड्राबैक/डीईबीपी लाभ प्राप्त होते हैं, केंद्रीय बिक्री कर में छूट मिलती है और सेवा कर में भी छूट प्राप्त होती है।
एसईजैड इकाइयों को 5 वर्षों तक आय कर में शत-प्रतिशत, उसके 5 वर्ष बाद 50 प्रतिशत और उसके पश्चात 5 वर्षों तक प्राप्त किए गए लाभों पर 50 प्रतिशत की छूट प्राप्त होती है।
यह योजना, जो बड़े उद्योगों के लिए बहुत उपयुक्त है, ने भावी निर्यात एवं रोजगार पर उल्लेखनीय प्रभाव डाला है।