Tuesday, January 15, 2013
जिज्ञासा(JIGYASA) : रामानुजन के फार्मूले की गुत्थी सुलझी
जिज्ञासा(JIGYASA) : रामानुजन के फार्मूले की गुत्थी सुलझी: वर्ष 1920 में रामानुजन मृत्युशैया पर थे, तभी उन्होंने अपने गुरू एवं ब्रिटिश गणितज्ञ जी एच हार्डी को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में भारतीय गणित...
जिज्ञासा(JIGYASA) : सूर्य का अध्ययन करने के लिए दुनिया की सबसे बड़ी दू...
जिज्ञासा(JIGYASA) : सूर्य का अध्ययन करने के लिए दुनिया की सबसे बड़ी दू...: सूर्य का अध्ययन करने के लिए भारत जल्द ही दुनिया की सबसे बड़ी दूरबीन बनाने वाला है। यह दूरबीन लद्दाख में स्थापित की जाएगी जिसकी मदद से सूर्य...
जिज्ञासा(JIGYASA) : अपॉर्चुनिटी अंतरिक्ष यान द्वारा अध्ययन की गई कुछ च...
जिज्ञासा(JIGYASA) : अपॉर्चुनिटी अंतरिक्ष यान द्वारा अध्ययन की गई कुछ च...: अपॉर्चुनिटी अंतरिक्ष यान द्वारा अध्ययन की गई कुछ चट्टानों में गिली मिट्टी पाई गई थी। अपॉर्चुनिटी 2004 में मंगल पर ईगल क्रेटर में पहुंचा था।...
Tuesday, October 23, 2012
जिज्ञासा(JIGYASA) : आकाश-2
जिज्ञासा(JIGYASA) : आकाश-2: आकाश-2 में एक गीगाहर्त्ज़ का प्रोसेसर, दो घंटे तक चलने वाली बैट्री और एंड्रायड-4 ऑपरेटिंग सिस्टम है। यह टैबलेट एजुकेशन में स्टूडेंट्स के लि...
जिज्ञासा(JIGYASA) : आकाश-2
जिज्ञासा(JIGYASA) : आकाश-2: आकाश-2 में एक गीगाहर्त्ज़ का प्रोसेसर, दो घंटे तक चलने वाली बैट्री और एंड्रायड-4 ऑपरेटिंग सिस्टम है। यह टैबलेट एजुकेशन में स्टूडेंट्स के लि...
जिज्ञासा(JIGYASA) : आकाश-2
जिज्ञासा(JIGYASA) : आकाश-2: आकाश-2 में एक गीगाहर्त्ज़ का प्रोसेसर, दो घंटे तक चलने वाली बैट्री और एंड्रायड-4 ऑपरेटिंग सिस्टम है। यह टैबलेट एजुकेशन में स्टूडेंट्स के लि...
Wednesday, October 17, 2012
जिज्ञासा(JIGYASA) : बात करने वाले एटीएम
जिज्ञासा(JIGYASA) : बात करने वाले एटीएम: 2001 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, देश में एक करोड़ छह लाख नेत्रज्योति की अक्षमता वाले लोग हैं.एनसीआर कार्पोरेशन के ‘बात करने वाले एटीएम’ ...
Tuesday, October 16, 2012
जिज्ञासा(JIGYASA) : परमाणु संयंत्रों की क्षमता
जिज्ञासा(JIGYASA) : परमाणु संयंत्रों की क्षमता: 4780 मेगावाट स्थापित क्षमता वाले, 20 नाभिकीय विद्युत रिएक्टरों में से वर्तमान में एक रिएक्टर (राजस्थान परमाणु बिजलीघर (आरएपीएस), यूनिट-1...
जिज्ञासा(JIGYASA) : एक व्यक्ति को प्राकृतिक पृष्ठभूमि से प्राप्त व...
जिज्ञासा(JIGYASA) : एक व्यक्ति को प्राकृतिक पृष्ठभूमि से प्राप्त व...: एक व्यक्ति को प्राकृतिक पृष्ठभूमि से प्राप्त विकिरण की औसत मात्रा 2400 माइक्रो-सिवर्ट प्रति वर्ष होती है। भारतीय नाभिकीय विद्युत संयंत्र...
Sunday, October 14, 2012
जिज्ञासा(JIGYASA) : आई एन एस सहयाद्री शिवालिक वर्ग का अंतिम और तीसरा य...
जिज्ञासा(JIGYASA) : आई एन एस सहयाद्री शिवालिक वर्ग का अंतिम और तीसरा य...: आई एन एस सहयाद्री शिवालिक वर्ग का अंतिम और तीसरा युद्ध पोत है। सहयाद्री के पहले आई एन एस शिवालिक को वर्ष 2010 में और आई एन एस सतपुड़ा को वर्...
जिज्ञासा(JIGYASA) : राष्ट्रीय दूरसंचार नीति-2012
जिज्ञासा(JIGYASA) : राष्ट्रीय दूरसंचार नीति-2012: राष्ट्रीय दूरसंचार नीति के प्रमुख क्षेत्र हैं: टेलीफोन सेवाओं के उपयोग का घनत्व वर्तमान 39 से बढ़ाकर 2017 तक 70 और 2020 तक 100 करना. ...
Friday, October 5, 2012
जिज्ञासा(JIGYASA) : लक्ष्य विमान
जिज्ञासा(JIGYASA) : लक्ष्य विमान: पायलट लेस लक्ष्य विमान (पीटीए) एक पुन: प्रयोज्य हवाई लक्ष्य प्रणाली है। लक्ष्य सभी तीन सेवाओं के लिए बंदूक और मिसाइल चालक दल और हवाई रक्षा प...
जिज्ञासा(JIGYASA) : सौर ऊर्जा संयंत्र
जिज्ञासा(JIGYASA) : सौर ऊर्जा संयंत्र: गुजरात में नर्मदा सागर बांध की नहरों की कुल लंबाई 19 हजार किलोमीटर है और अगर इसका दस प्रतिशत भी इस्तेमाल होता है तो 2400 मेगावाट स्वच्छ और स...
Saturday, September 29, 2012
जिज्ञासा(JIGYASA) : जीसैट-10
जिज्ञासा(JIGYASA) : जीसैट-10: संचार उपग्रह जीसैट-10 को फ्रेंच गुयाना से यूरोपीय उपग्रह प्रक्षेपण रॉकेट एरियन-5 के जरिये सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिया गया.जीसैट-10 करीब ...
Saturday, September 15, 2012
पोलियो
जिज्ञासा(JIGYASA) : पोलियो: भारत ने 13 जनवरी 2012 को एक बड़ी सफलता हासिल की, जब पिछले 12 महीनों के दौरान पोलियो का कोई भी नया मामला दर्ज नहीं किया गया। 13 जनवरी, 201...
Friday, September 14, 2012
जिज्ञासा(JIGYASA) : राष्ट्रीय जलनीति -2012
जिज्ञासा(JIGYASA) : राष्ट्रीय जलनीति -2012: राष्ट्रीय जलनीति -2012 में बड़े-बड़े बांधों की पुरजोर वकालत की गई है। नए संशोधित मसौदे में अप्रत्यक्ष रूप से निजीकरण की बात कही गई है। नए सं...
Wednesday, September 12, 2012
जिज्ञासा(JIGYASA) : भारत में इंटरनेट की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को वीएसएन...
जिज्ञासा(JIGYASA) : भारत में इंटरनेट की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को वीएसएन...: ट्राई के मुताबिक भारत में एक करोड़ 40 लाख ब्रॉडबैंड कनेक्शन हैं। अमेरिका जैसे देशों में कुल आबादी के मुकाबले ब्रॉडबैंड कनेक्शन का अनुपात 35...
Thursday, July 12, 2012
वर्ष 2011 में विश्व जनसंख्या 7 बिलियन को पार करने का अनुमान था। यूएनएफपीए (युक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष) और इसके सहयोगियों ने इसी दिन एक अभियान चलाया जिसे नाम दिया गया ''7 बिलियन एक्सन्स’’। वर्ष 2011 के मध्य तक नवीनतम आकड़ों के मुताबिक विश्व जनसंख्या 6,928,198,253 होने का अनुमान था।
1987 में 5 बिलियन लोगों ने 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के रूप में प्रतिष्ठित करने का निर्णय लिया था। अब 20 साल से अधिक समय से यह दिन जनसंख्या के रूख तथा इससे संबंधित मुद्दों के महत्व को दर्शाने का अवसर बन गया है। विचार-विमर्शों तथा चर्चाओं के माध्यम से इसके प्रति सजगता व्यक्त की जाती है। इस दिवस ने वार्षिक महत्व ग्रहण कर लिया है। वर्ष 2011 में विश्व जनसंख्या 7 बिलियन को पार करने का अनुमान था। यूएनएफपीए (युक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष) और इसके सहयोगियों ने इसी दिन एक अभियान चलाया जिसे नाम दिया गया ''7 बिलियन एक्सन्स’’। वर्ष 2011 के मध्य तक नवीनतम आकड़ों के मुताबिक विश्व जनसंख्या 6,928,198,253 होने का अनुमान था।
मुख्य चिंता जनसंख्या को स्थिर करना है। जनसंख्या स्थिरता केवल संख्या न होकर संतुलित विकास है। इसे वृहद सामाजिक-आर्थिक विकास के परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए। जरूरी नहीं कि स्थिरता की यह प्रक्रिया 2045 तक पूरी हो जाए, इसे 2050 या 2060 तक भी पूरा किया जा सकता है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि हम जनसंख्या स्थिरता के मुद्दे तक कैसे पहुंचे।
हर कोई जनसंख्या स्थिरता को लेकर चिंतित है क्योंकि इसके साक्ष्य मौजूद हैं कि महिलाएं अधिक बच्चे नहीं चाहती हैं। परिवार को सीमित करना अब उनकी प्राथमिकता है। वह अपने परिवेश में मौजूद परिस्थितियों से अपने आप को सशक्त बना रही हैं। वह चाहती हैं कि उनके बच्चे जीवित रहें और अच्छा करें। साथ ही परिवार नियोजन के तरीके तथा प्रजनन संबंधी स्वास्थ्य सुविधाएं भी उन्हें आसानी से मिलें। ये सब सुविधाएं उनकी निजता और मर्यादा को बनाए रख कर ही प्राप्त हों। उनकी आय में वृद्धि के उपाय किये जाएं तथा आय पर उनका नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए जिससे काफी तब्दीली आएगी।
विश्व रिपोर्ट में पश्चिम अफ्रीकी देश नाईजर का उल्लेख किया गया है जहां पिछले 30 वर्षों में जीवन की प्रत्याशा बढ़ी है लेकिन प्रत्येक 20 वर्षों में इसकी जनसंख्या दुगनी हुई है। वर्ष 2050 तक इसकी कुल प्रजनन दर (टीएफआर) में 3.9 प्रतिशत की गिरावट आएगी जो एक सकारात्मक रूख को दर्शाता है। वर्ष 2050 तक जनसंख्या 15.5 से बढ़कर 55.5 मिलियन हो जाएगी। भविष्य में नाईजर में भी जनसंख्या वृद्धि खाद्य और आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन से अधिक होने की संभावना है।
रिपोर्ट के अंत में यह चेतावनी दी गई है कि : ''पृथ्वी पर इतनी अधिक जनसंख्या कभी नहीं थी। इसकी खपत का स्तर अप्रत्याशित है और पर्यावरण में काफी बड़े परिवर्तन भी हो रहे हैं। हमें यह चुनना होगा कि हम संसाधनों का समतामूलक उपयोग करें या इस बारे में कुछ भी न करें और ऐसा करते हुए हम आर्थिक और पर्यावरण की उत्तरोत्तर बढ़ती समस्याओं की गर्त में समाकर, अधिक असमान और असह्य भविष्य की ओर बढ़ते चले जाएं’’।
चिनाब नदी पर विश्व का सबसे लंबा रेल पुल बनाया जा रहा...
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी पर विश्व का सबसे लंबा रेल पुल बनाया जा रहा है। रेल मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक उपक्रम कोंकण रेलवे कारपोरेशन लिमिटेड (केआरसीएल) इसके निर्माणकार्य में जुटा है। वर्ष 2016 तक इसका निर्माणकार्य पूरा होने की संभावना है। यह पुल उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल संपर्क (यूएसबीआरएल) परियोजना पर होगा, जो कश्मीर की मनोरम घाटी को रेल संपर्क उपलब्ध कराने के लिए एक राष्ट्रीय परियोजना है। कोंकण रेलवे ने दिसंबर 2002 में कटरा से लेकर धरम तक यूएसबीआरएल परियोजना के एक हिस्से के निर्माणकार्य को अपने हाथ में लिया है। चिनाब पुल संभवत: एक सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण परियोजना है क्योंकि इसका निर्माण 359 मीटर की ऊंचाई तक होना है (कुतुब मीनार की ऊंचाई 72 मीटर है और एफिल टावर की ऊंचाई 324 मीटर है)। चिनाब पुल का मध्यवर्ती विस्तार 457 मीटर है। निर्माणकार्य पूरा होने के बाद यह पुल नदी तल से सबसे ऊँचा रेल पुल हो जायेगा। इस समय विश्व का सबसे ऊँचा रेल पुल फ्रांस की टैम नदी पर बना है, जिसका सबसे ऊँचा पीलर 340 मीटर का है, जबकि इस पर जहां रेलगाड़ी चलती है उसकी वास्तविक ऊँचाई 300 मीटर है। इस पुल का डिजाइन इस प्रकार तैयार किया गया है ताकि यह आंधी के झोंके को सहन कर सके। इस पुल की यह विशेषता अंतर्राष्ट्रीय तौर पर अद्वितीय है। इस पुल की पेंटिंग 35 वर्ष के लिए की जाती है और 120 वर्ष के इसके जीवनकाल में केवल तीन बार पेंटिंग करने की जरूरत होगी।
Monday, April 30, 2012
2001 की जनगणना के अनुसार भारत में वृद्धों की संख्या सात करोड़ सत्तर लाख है जबकि 1961 में उनकी संख्या केवल दो करोड़ चालीस लाख थी। 1981 में यह बढ़कर चार करोड़ तीस लाख हो गई और सन् 91 में ये पाँच करोड़ सत्तर लाख तक पहुंच गई। भारत की आबादी में वृद्ध लोगों का अनुपात 1961 में 5.63 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2001 तक 7.5 प्रतिशत हो गया और 2025 तक यह 12 प्रतिशत तक हो जाने की संभावना है। सत्तर साल से अधिक आयु के वृद्ध जनों की संख्या जहां 1961 में अस्सी लाख थी वहीं वर्ष 2001 में यह बढ़कर दो करोड़ नब्बे लाख हो गई। भारतीय जनसंख्या के आंकड़े के अनुसार 1961 में शताब्दी पूरा करने वालों की संख्या 99 हज़ार दर्ज की गई, वहां 1991 में ये बढ़कर एक लाख अड़तीस हज़ार हो गई...
2001 की जनगणना के अनुसार भारत में वृद्धों की संख्या सात करोड़ सत्तर लाख है जबकि 1961 में उनकी संख्या केवल दो करोड़ चालीस लाख थी। 1981 में यह बढ़कर चार करोड़ तीस लाख हो गई और सन् 91 में ये पाँच करोड़ सत्तर लाख तक पहुंच गई। भारत की आबादी में वृद्ध लोगों का अनुपात 1961 में 5.63 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2001 तक 7.5 प्रतिशत हो गया और 2025 तक यह 12 प्रतिशत तक हो जाने की संभावना है। सत्तर साल से अधिक आयु के वृद्ध जनों की संख्या जहां 1961 में अस्सी लाख थी वहीं वर्ष 2001 में यह बढ़कर दो करोड़ नब्बे लाख हो गई। भारतीय जनसंख्या के आंकड़े के अनुसार 1961 में शताब्दी पूरा करने वालों की संख्या 99 हज़ार दर्ज की गई, वहां 1991 में ये बढ़कर एक लाख अड़तीस हज़ार हो गई।
भारत में 21 शताब्दी के पहले मध्य में आयु संबंधी परिदृश्य के आकलन के लिए अगले पचास वर्षों में वृद्धों की संख्या अनुमानित की गयी है। भारत के साठ और उससे अधिक आयु के वृद्धों की संख्या 2001 में 7 करोड़ 70 लाख से बढ़कर वर्ष 2031 में एक अरब 7 करोड़ 90 लाख पहुंच जाने की संभावना है और वर्ष 2051 तक 3 अरब 10 लाख तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। 70 साल से अधिक आयु के लोगों की संख्या में वर्ष 2001 से 2051 के बीच पाँच गुणा वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
समाज में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं चिंता की वजह है क्योंकि वृद्ध लोगों को युवाओं की अपेक्षा खराब स्वास्थ्य का सामना करना पड़ता है। शारीरिक बीमारी के अलावा अधिक आयु के लोगों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से पीड़ित होने की भी संभावना रहती है। अध्ययन से पता चला है कि अधिक आयु के लोग ज्यादातर खांसी से पीड़ित रहते हैं। (बीमारियों के अंतर्राष्ट्रीय वर्गीकरण के अनुसार ये टीबी, फेफड़े की सूजन, दमा, काली खांसी इत्यादि से जुड़ी खांसी होती है)। कमजोर दृष्टि, शरीर में रक्त की अल्पता और दाँत संबंधी समस्याओं से भी वे जूझते हैं। अधिक आयु होने से वृद्ध लोगों में बीमारी बढ़़ने और बिस्तर पकड़ लेने का अनुपात बढ़ता पाया गया है। शारीरिक अक्षमताओं में दृष्टि दोष और श्रवण शक्ति खत्म होना प्रमुख है।
भारत में 21 शताब्दी के पहले मध्य में आयु संबंधी परिदृश्य के आकलन के लिए अगले पचास वर्षों में वृद्धों की संख्या अनुमानित की गयी है। भारत के साठ और उससे अधिक आयु के वृद्धों की संख्या 2001 में 7 करोड़ 70 लाख से बढ़कर वर्ष 2031 में एक अरब 7 करोड़ 90 लाख पहुंच जाने की संभावना है और वर्ष 2051 तक 3 अरब 10 लाख तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। 70 साल से अधिक आयु के लोगों की संख्या में वर्ष 2001 से 2051 के बीच पाँच गुणा वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
समाज में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं चिंता की वजह है क्योंकि वृद्ध लोगों को युवाओं की अपेक्षा खराब स्वास्थ्य का सामना करना पड़ता है। शारीरिक बीमारी के अलावा अधिक आयु के लोगों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से पीड़ित होने की भी संभावना रहती है। अध्ययन से पता चला है कि अधिक आयु के लोग ज्यादातर खांसी से पीड़ित रहते हैं। (बीमारियों के अंतर्राष्ट्रीय वर्गीकरण के अनुसार ये टीबी, फेफड़े की सूजन, दमा, काली खांसी इत्यादि से जुड़ी खांसी होती है)। कमजोर दृष्टि, शरीर में रक्त की अल्पता और दाँत संबंधी समस्याओं से भी वे जूझते हैं। अधिक आयु होने से वृद्ध लोगों में बीमारी बढ़़ने और बिस्तर पकड़ लेने का अनुपात बढ़ता पाया गया है। शारीरिक अक्षमताओं में दृष्टि दोष और श्रवण शक्ति खत्म होना प्रमुख है।
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